
उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद पुलिस की कार्यवाही तेज़ हो गई है। अब तक 81 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें चर्चित इस्लामी विद्वान और AIMC (Ittehad-e-Millat Council) के अध्यक्ष मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान का नाम भी शामिल है।
क्या हुआ था 26 सितंबर को?
बरेली में ‘I Love Mohammad’ अभियान के समर्थन में एक रैली निकाली गई थी। यह रैली धार्मिक भावना से जुड़ी थी, लेकिन अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जमकर झड़प हुई। कुछ जगहों पर पथराव, आगजनी और रोड ब्लॉक की घटनाएं भी सामने आईं।
पुलिस की कार्यवाही में तेजी: 2 एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार
बरेली के SSP अनुराग आर्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बुधवार को दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद दबोचा गया। इसके अलावा कोतवाली थाना पुलिस ने 6 अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है।
मौलाना तौक़ीर रज़ा पर गंभीर आरोप
AIMC प्रमुख मौलाना तौक़ीर रज़ा, जो प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान अहमद रज़ा ख़ान के वंशज हैं, को भी इस हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि रैली के दौरान भीड़ को भड़काने में इनकी भूमिका रही।

धार्मिक भावना या राजनीतिक एजेंडा?
इस तरह की रैलियों में पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। कहीं न कहीं यह घटना धार्मिक भावना और राजनीतिक इंटरेस्ट की टकराहट का नतीजा भी मानी जा रही है।
क्या स्थिति है?
बरेली में अभी भी धारा 144 लागू है, और इंटरनेट सेवाएं कुछ इलाकों में आंशिक रूप से बंद की गई हैं। पुलिस का कहना है कि और भी गिरफ्तारी जल्द हो सकती है।
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